Sunhara Niyam - The Golden Rule Sirshree

ISBN:

Published: August 2014

Paperback

216 pages


Description

Sunhara Niyam - The Golden Rule  by  Sirshree

Sunhara Niyam - The Golden Rule by Sirshree
August 2014 | Paperback | PDF, EPUB, FB2, DjVu, audiobook, mp3, RTF | 216 pages | ISBN: | 9.37 Mb

केवल एक जवाबसुनहरे नियम से रिशते बॉंधेंपरिवार में सभी एक-दूसरे के शुभचिंतक होते हैं लेकिन फिर भी सदसयों के बीच झगड़े कयों होते हैं?घर में सब एक-दूसरे का भला चाहते हैं, फिर भी एक-दूसरे के परति मनमुटाव कयों हो जाता है? यह आशचरय की बात है।हर कोई चाहता हैMoreकेवल एक जवाबसुनहरे नियम से रिश्ते बॉंधें​परिवार में सभी एक-दूसरे के शुभचिंतक होते हैं लेकिन फिर भी सदस्यों के बीच झगड़े क्यों होते हैं?घर में सब एक-दूसरे का भला चाहते हैं, फिर भी एक-दूसरे के प्रति मनमुटाव क्यों हो जाता है? यह आश्चर्य की बात है।हर कोई चाहता है कि परिवार में सुख-शांति हो, फिर भी ऐसा नहीं होता, क्यों?

क्या कारण है?क्या आपके पास इन सबका एक जवाब है? इसका सही जवाब मिलेगा आपको इस सुनहरी पुस्तक में।जब इंसान परिवार को सुनहरे नियम के धागे से सीता है तो रावण उस परिवार का कोई नुकसान नहीं कर पाता है।सुनहरे नियम से यदि हम हर रिश्ते को बॉंधेंगे तो कोई गैर इंसान, समस्या या रोग हमारे परिवार को खण्डित नहीं कर पाएगा।सुनहरा नियम प्रेम का सच्चा धागा है, जो आपसी विश्वास को बॉंधने में आपकी मदद करेगा।परिवार का उपहार, जो ईश्वर ने आपको दिया है, उसे क्यों न सुनहरे नियम के ज्ञान से आज ही खोलें। पुस्तक खोलें।लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करें, जैसा आप चाहते हैं कि लोग आपसे जो आप हैं, वह जानकर व्यवहार करें



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